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केंद्र सरकार ने भीलवाड़ा में बनने वाली मेमू रेल कोच फैक्ट्री से अपने हाथ पीछे खींच लिए है। कोच फैक्ट्री के साथ साथ जैसलमेर-बाड़मेर-कांडला रेल प्रोजेक्ट्स को भी वित्तीय रूप से गैर जरुरी ठहराते हुए उस पर काम करने से मन कर दिया है। 7 साल पुरानी रेल बजट की घोषणाओं के बावजूद अब केंद्र ने यूटर्न ले लिया है। रेल मंत्रालय ने राजस्थान के दो बड़े प्रोजेक्ट्स पर अब पूर्ण विराम लग गया है। पाली से सांसद पीपी चौधरी और उदयपुर सांसद अर्जुनलाल मीणा के अतारांकित सवाल का जवाब देते हुए रेल मंत्री पीयूष गोयल ने राजस्थान से जुड़े दोनों प्रोजेक्ट्स पर काम शुरु करने से साफ इनकार किया है।

भीलवाड़ा की मेमू कोच फैक्ट्री के सवाल पर रेल मंत्री ने जवाब में लिखा है, कोच फैक्ट्री रेल्वे की ओवरऑल जरूरतों के हिसाब से स्थापित की जाती हैं। मौजूदा रेल कोच फैक्ट्रियों की पिछले कुछ वषों में उत्पादकता और उत्पादन क्षमता बढ़ने के बाद वर्तमान में भीलवाड़ा में अतिरिक्त कोच प्रोडक्शन यूनिट की कोई आवश्यकता नहीं है।

सोनिया गांधी ने 22 सितंबर 2013 को किया था रेल कोच फैक्ट्री का शिलान्यास
यूपीए राज के दौरान 22 सितंबर 2013 को भीलवाड़ा के रूपाहेली में मेमू कोच फैक्ट्री (मेनलाइन इलेक्ट्रिकल मल्टीपल यूनिट कोच फैक्ट्री) का शिलान्यास यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी से करवाया गया था। इउस समय सीपी जोशी केंद्रीय रेल मंत्री और अशोक गहलोत मुख्यमंत्री थे। 25 फरवरी, 2013 को फैक्ट्री की स्थापना के लिए रेलवे और भेल के बीच सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। 21 सितंबर, 2013 को रेल मंत्रालय और राज्य सरकार के बीच एमओयू हुआ था। मेमू कोच फैक्ट्री की रूपाहेली में 22 सितंबर, 2013 को नींव रखी गई। 2013-14 के रेल बजट में इस प्रोजेक्ट की मंजूरी दी गई थी।

7 साल से रेल्वे कोच फैक्ट्री के लिए आवंटित 1293 बीघा जमीन रेल्वे के कब्जे में

रेल्वे कोच फैक्ट्री के लिए राज्य सरकार ने 1292.14 बीघा जमीन रूपाहेली क्षेत्र में आवंटित की थी, जिसके बाद रेलवे ने यह जमीन अपने कब्जे में ले ली थी, इसी जमीन पर शिलान्यास भी हो गया। अब केंद्र सरकार ने प्रोजेक्ट का काम आगे बढ़ाने से इनकार करने के बाद भीलव़ाड़ा में रेल कोच फैक्ट्री लगने की संभावनाएं फिलहाल खत्म हो गई हैं। 2013 की डीपीआर के मुताबिक यह 800 करोड़ का प्रोजेक्ट था।

जैसलमेर-बाड़मेर-कांडला रेल प्रोजेक्ट वायबल नहीं, इस प्रोजेक्ट पर नहीं होगा काम

रेल मंत्री ने लिखित उत्तर में बताया कि जैसलमेर—बाड़मेर—कांउला रेल प्रोजेक्ट से भी रेल मंत्रालय ने हाथ खड़े कर दिए है। सवाल के जवाब में लिखा है कि जैसलमेर और बाड़मेर पहले से ही ब्रॉड गैज लाइन से कांडला पॉर्ट से जुड़े हुए हैं। जैसलमेर से बाड़मेर और बाड़मेर से भाभर तक 2012—13 में सर्वे पूरा हो चुका है। पहले से कनेक्टिविटी है और यह प्रोजेक्ट वित्तीय रूप से वायबल नहीं है, इसलिए इस प्रोजेक्ट को हाथ में नहीं लिया जाएगा।

कोच फैक्ट्री के लंबित प्रोजेक्ट्स को शुरु करने की कई बार सीएम गहलोत कर चुके थे मांग

भीलवाड़ा रेल कोच फैक्ट्री का काम शुरु करने को लेकर अशोक गहलोत मुख्यमंत्री रहते हुए और पहले पांच साल विपक्ष में रहते हुए भी केंद्र से मांग करते रहे थे। गहलोत कई बार केंद्र सरकार पर राज्य के साथ भेदभाव करने और प्रोजेक्ट्स लटकाने के आरोप लगा चुके हैं। अब मेमू कोच फैक्ट्री प्रोजेक्ट को लेकर सियासी बयानबाजी तेज होना तय है।

News/Source: Dainik Bhaskar

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