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हर वर्ष मार्च की 30 तारीख को राजस्थान दिवस मनाया जाता है। 30 मार्च, 1949 में जोधपुर, जयपुर, जैसलमेर और बीकानेर रियासतों का विलय होकर ‘वृहत्तर राजस्थान संघ’ बना था। राजस्थान दिवस (अंग्रेजी: Rajasthan Day) इसे राजस्थान का स्थापना दिवस भी कहा जाता है। इसे पहले राजपूताना के नाम से जाना जाता था तथा कुल 22 रियासतों को मिलाकर यह राज्य बना तथा इसका नाम “राजस्थान” किया गया जिसका शाब्दिक अर्थ है “राजाओं का स्थान” क्योंकि स्वतंत्रता से पूर्व यहां कई राजा-महाराजाओं ने राज किया।

राजस्थान का एकीकरण 4 चरणों में हुआ। इसकी शुरुआत 14 अप्रैल 1949 को अलवर, भरतपुर, धौलपुर और करौली रियासतों के विलय से हुई। विभिन्न चरणों में रियासतें जुड़ती गईं तथा अंत में 30 मार्च 1979 को जोधपुर, जयपुर, जैसलमेर और बीकानेर रियासतों के विलय से “वृहत्तर राजस्थान संघ” बना और इसे ही राजस्थान स्थापना दिवस कहा जाता है। इसमें सरदार वल्लभभाई पटेल की सक्रिय भूमिका रही।

इस दिन राजस्थान पर्यटन विभाग द्वारा कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन कार्यक्रमों का मुख्य केंद्र जयपुर होता है। इनमें कैमल टैटू शो, खेलकूद प्रतियोगिताएं, बच्चों के लिए फ़िल्म फेस्टिवल, विभिन्न संभागों की झांकियां एवं नृत्य, भजन, फैशन शो तथा संगीत कॉन्सर्ट का आयोजन शामिल है। इस दिन राजस्थान में कई पर्यटन स्थल में प्रवेश मुफ्त किये जाते है ताकि लोगो को राजस्थान के इतिहास के बारे में पता चल सके और टूरिज्म को बढ़ावा मिल सके।

Source : Wikipedia / google

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